卐 जय राम हरे जय कृष्ण हरे अब प्रगटो कल्कि रूप धरे
卐 जय कल्कि जय जगतपते पद्मापति जय रमापते
卐 जय राम हरे जय कृष्ण हरे अब प्रगटो कल्कि रूप धरे
卐 जय कल्कि जय जगतपते पद्मापति जय रमापते
कल्कि रक्षा कवच

कलियुग में जब कि कल्कि बने कृष्ण मुरारी,
तो बाँसुरी भी बन गई तलवार दोधारी।
चारों तरफ गजब का धमासान मचेगा,
सुमिरन करेगा बस वही इंसान बचेगा।
कलियुग खत्म होने को है सतयुग की तैयारी,
पत्थर के हरफों में लिख लो बात हमारी।
हमारे गुरुदेव हनुमान जी व कल्कि जी का आभार,
जिनकी प्रेरणा और कृपा से यह दिव्य कल्कि रक्षा कवच प्राप्त हो पाया है।
जय श्री कल्कि 🙏