Aarti Bhairo Ji

🧘 Category: Aarti 📅 20/12/14

 

 

 

 

 

आरती श्री भैरवजी की

 

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
जय काली और गौरी देवी कृत सेवा ।। जय ......

तुम ही पाप उद्धारक दुख सिन्‍धु तारक।
भक्‍तों के सुख कारक दीप बसू मारक ।। जय ......

वाहन श्‍वान विराजत कर त्रिशूलधारी।
महिमा अमित तुम्‍हारी जय जय भय हारी ।। जय ......

तुम बिन देव पूजा सफल नहीं होवे।
चतुर्वर्तिका दीपक दर्शक दु:ख खोवे ।। जय ......

तुल बटुक दधी मिश्रित मास बली तेरा।
कृपा करो भैरव करिये नहीं देरी ।। जय ......

पांव घुंघरू बाजत डमरू डम गावत।
बटुकनाथ वनि बालक जनमन हर्षावत ।। जय ......

बटुक नाथ की आरती जो कोई जन गावे।
कहे धरणीधर सौ नर मनवांछित फल पावे ।। जय ......

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