Aarti surya Bhagwan

🧘 Category: Aarti 📅 20/12/14

 

 

 

 

 

सूर्यदेव की आरती

 

जय जय जय रविदेव, जय जय रविदेव।
राजनीति मदहारी शतदल जीवन दाता।।

षटपद मन मुदकारी हे दिनमणि ताता।
जग के हे रविदेव जय जय जय रविदेव।।

नभमण्‍डल के वासी ज्‍योति प्रकाशक देवा।
निज जनहित सुखरासी तेरी हम सब सेवा।।

करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव।
कनक बदन मन मोहित रूचिर प्रभा प्‍यारी।।

निज मण्‍डल से मण्डित रूचिर प्रभा प्‍यारी।
हे सुरवर रविदेव जय जय जय रविदेव।।

 

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