Yamuna Maharani

🧘 Category: Daan 📅 04/12/14

यमुना महारानी

संकल्‍प

1)    हे यमुना महारानी, मैं 4 वस्‍त्र (मर्दाने/जनाने), सतिया करके मोली/कलावे के सात लपेटे बांधकर 1 गट/गोला, काली घूप, मौली का एक गोला और 5 रुपये संकल्‍प करके आपको अर्पण कर रहा हूँ, इसे स्‍वीकार करें। अपने भाई यमराज से कहकर यम की मारक शक्तियों को उनका भाग दें, उन्‍हें तृप्‍त और संतुष्‍ट करें, उनसे हर प्रकार से मेरी रक्षा करें, मुझे जीवन दान दें। मुझे नहीं मरना। मुझे स्‍वस्‍थ शरीर से सुख शांति, वैभवपूर्वक अनेक वर्षों तक जीवित रहते हुए अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ कल्कि जी की प्रसन्‍नता का कार्य करना है।

अनुभव

क)  यदि अनुभव में अपनी मृत्‍यु दिखाई दे तो ऊपर लिखा हुआ संकल्‍प किया जाता है।

ख) यदि अनुभव में गोली लगी हुई दिखाई दे, तो जितनी गोलियों के घाव होंगे उतने केवल 5 रुपयों के सिक्‍के का संकल्‍प प्रार्थना के साथ जाएगा।

2)    यदि मृत्‍यु का अनुभव बार-बार आए, तबाही और बर्बादी भी दिखाई दे, नरक की अतृप्‍त प्रेत और पितृ शक्तियां दिखाई दें तो ऊपर लिखे संकल्‍प के साथ 1 सीधा, पानी की बोतल और 5 रुपये का भी संकल्‍प नीचे लिखी प्रार्थना के साथ जाता है – हे यमुना महारानी ......... मैं 4 वस्‍त्र (मर्दाने/जनाने), सतिया करके मोली/कलावे के सात लपेटे बांधकर 1 गट/गोला, काली धूप, मौली का एक गोला, 5 रुपए और 1 सीधा (आटा, दाल, चावल, चीनी, नमक, पानी की बोतल (घर से भरकर) संकल्‍प करके आपको अर्पण कर रहा/रही हूँ, इसे स्‍वीकार करें। नरक में पड़ी, मुझे, मेरी परिवार को दुख देने वाली अतृप्‍त कुटिल, शैतानी शक्तियां, प्रेत शक्तियां, पितृ-पित्रियाँ यम की मारक शक्तियों के साथ मिलकर मेरे प्राण लेना चाहती है, मेरे परिवार को तबाह और बर्बाद करना चाहती है, यमराज और देवी स्‍वधा के माध्‍यम से उन्‍हें उनका भाग दें, उन्‍हें तृप्‍त और संतुष्‍ट करें, उनके उचित लोकों में उन्‍हें भेजें, उनके हर प्रहार से मेरे प्राणों की और मेरे घर-परिवार की रक्षा करें, मुझे जीवन दान दें, सुख सौभाग्‍य और पूर्ण आयु प्रदान करें। इसी स्‍वस्‍थ शरीर से सुख शांति, वैभव और ऐश्‍वर्य पूर्वक रहते हुए मुझे अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ कल्कि जी की प्रसन्‍नता का काम करना है। अपने नाती और पोतों का विवाह देखना है।

3)    हे यमुना महारानी, जो दैवीय शक्तियां कलियुग की कुटिल शक्तियों के चंगुल में फंसकर अंधे कुऐं में कैद हैं, यमराज के माध्‍यम से कलियुग की उन दण्‍डनीय शक्तियों का उनका भाग दिलवाकर, दैवीय शक्तियों को मुक्ति प्रदान करें और उन्‍हें हमारी रक्षा के लिये भेजें। मुझे कल्कि जी की प्रसन्‍नता का काम करना है।

नोट: यह 2 नं. वाली प्रार्थना के साथ की पूरक प्रार्थना है।

4)    जब तक कोई सही आयु प्रदान का अनुभव नहीं आए, यमुना जी का 5 रुपये का रोज संकल्‍प चलता रहेगा।

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